Sunday, June 2, 2019

Friendship is the first pillar for any relationship. To maintain healthy and best relations one should be good friends first. This poem puts the light on "stages of friendship" to become best friends

                       
जब चल रहे थे हम अकेले तब कोई अपना सा बन रहा था
जाने अनजाने में ही सही पर कोई अपना सा लग रहा  था |

नया नया चेहरा था, नयी नयी बाते थी
फिर भी कोई अपना सा लग रहा था
खून का रिश्ता तो नहीं था
फिर भी सागर की गहराईयो जैसा रिश्ता बन रहा था
जब चल रहे थे हम अकेले तब कोई अपना सा बन रहा था |

हर कदम पर साथ मेरे वो चले जा रहा था
हर शरारतों में साथ मेरे वो दिये जा रहा था
हर एक दुःख को साथ मेरे वो बांटे जा रहा था
जब चल रहे थे हम अकेले तब कोई अपना सा बन रहा था |

अँधेरे रास्तों से कोई मुझे हरदम निकाले जा रहा था
कोई मेरे गमो को भी अपना गम समझ कर लिए जा रहा था
पल पल खुशियाँ वो मुझे हरदम दिए जा रहा था
जब चल रहे थे हम अकेले तब कोई अपना सा बन रहा था |

गहरे होते इस रिश्ते को नाम दिया हमने दोस्ती
गहरे होते इस रिश्ते को नाम दिया हमने दोस्ती
कभी रूठें वो कभी रूठु मैं
पर हर परीक्षा में पास हो जाती हमारी ये दोस्ती |

अब चल रहा हु मैं एक रास्ते
अब चल रहा है वो भी एक रास्ते
भले ही अलग हो गए हमारे रास्ते
पर आज भी निभा रहे हैं हम अपनी ये दोस्ती |

जब चल रहे थे हम अकेले तब कोई अपना सा बन रहा था
जाने अनजाने में ही सही पर कोई अपना सा लग रहा  था |
                  

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